पटना: भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। चुनाव से पहले राज्य की मतदाता सूची को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से सभी 243 विधानसभा क्षेत्रों में विशेष पुनरीक्षण अभियान चलाया जाएगा। आयोग जल्द ही इस अभियान की विस्तृत तिथियों और कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा करेगा।
📋 यह होगा अंतिम विशेष पुनरीक्षण अभियान
यह विशेष अभियान वर्ष 2025 की अंतिम मतदाता सूची को आधार बनाकर संचालित किया जाएगा और यही सूची विधानसभा चुनाव में मतदाता के रूप में पात्रता का आधार बनेगी। इस प्रक्रिया में 1 अक्टूबर 2025 को कट-ऑफ तिथि मानते हुए योग्य नागरिकों के नाम सूची में जोड़े जाएंगे।
🧑🎓 युवा मतदाताओं को मिलेगा मौका
निर्वाचन आयोग ने युवा मतदाताओं को जोड़ने के लिए चार अर्हता तिथियां निर्धारित की हैं —
1 जनवरी, 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर।
जो नागरिक इन तिथियों तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके होंगे, वे मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा सकते हैं।
📊 राज्य में मतदाताओं की संख्या
वर्ष 2025 की अद्यतन मतदाता सूची के अनुसार,
- बिहार में कुल मतदाताओं की संख्या: 7,80,22,933
- इनमें 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के मतदाता: 8,08,857
👮♂️ प्रशासनिक तैयारी
मतदाता सूची को दुरुस्त करने के इस अभियान में
सभी जिलाधिकारी,
निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ERO) और
बूथ लेवल अधिकारी (BLO)
सक्रिय भागीदारी करेंगे।
निर्वाचन आयोग ने इसके लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों की श्रृंखला भी चलाई है, जिसमें सरकारी कर्मचारियों के साथ-साथ राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है।
🗳️ चुनाव संभावित अक्टूबर-नवंबर में
फिलहाल अनुमान है कि बिहार विधानसभा चुनाव अक्टूबर या नवंबर 2025 में होंगे। ऐसे में नामांकन प्रक्रिया तक मतदाता सूची में संशोधन का कार्य जारी रहेगा।
यह विशेष अभियान बिहार में निष्पक्ष, पारदर्शी और समावेशी चुनाव कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें हर योग्य नागरिक को मतदान का अधिकार सुनिश्चित किया जाएगा।